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ए री माई आज शुभ मंगल

Ae Ri Mai Aaj Shubh Mangal

पारंपरिक

ए री माई आज शुभ मंगल गावो
शोक पुरावो मृदंग बजावो
गावो रिझावो बधाओ

गुनी गंधर्व अप्सरा
किन्‍नर बीन रुबाब
बजे सतार