अहा भारत विराजे, जगा दिपवीत तेजे भादव्यात येती गौरी गणपती उत्सवा येई बहार मेळे आरास करोनी, गाती नाचुनी हसुनी ध्वनी त्यातहि गाजे, अहा भारत विराजे नवरात्र पूजेची आश्विनशोभा करिती नारी शृंगार लेऊनि वसने मजेदार, गळा विविध अलंकार ध्वनी त्यातुनि निनादे, अहा भारत विराजे आली दिवाळी भूवन उजळी आनंद घे अवतार दीपक नभीचे भूवरी येती दाविती शोभा अपार मुदित हृदय सजती करिती सकलजन विहार माला तोरणे फुलांची, वसने भूषणे जनांची शोभा पाहुनी धरेची, मनी स्वर्गही लाजे अहा भारत विराजे
अहा भारत विराजे, जगा दिपवीत तेजे भादव्यात येती गौरी गणपती उत्सवा येई बहार मेळे आरास करोनी, गाती नाचुनी हसुनी ध्वनी त्यातहि गाजे, अहा भारत विराजे नवरात्र पूजेची आश्विनशोभा करिती नारी शृंगार लेऊनि वसने मजेदार, गळा विविध अलंकार ध्वनी त्यातुनि निनादे, अहा भारत विराजे आली दिवाळी भूवन उजळी आनंद घे अवतार दीपक नभीचे भूवरी येती दाविती शोभा अपार मुदित हृदय सजती करिती सकलजन विहार माला तोरणे फुलांची, वसने भूषणे जनांची शोभा पाहुनी धरेची, मनी स्वर्गही लाजे अहा भारत विराजे