मधुरानना तुलना ना । रूप, शील, गुण, तेज दावुनी, दिपविलेंसि नयनां ॥ तनुलता न विद्युल्लता भासे । दिव्यवाणी अशरीरिणी खास । पूर्णचंद्र करि वदनीं निवास । स्मृति मधुर मोहि मदीय मना ॥
मधुरानना तुलना ना । रूप, शील, गुण, तेज दावुनी, दिपविलेंसि नयनां ॥ तनुलता न विद्युल्लता भासे । दिव्यवाणी अशरीरिणी खास । पूर्णचंद्र करि वदनीं निवास । स्मृति मधुर मोहि मदीय मना ॥