PrintSource

तुम मुझे खून दो

Tum Mujhe Khoon Do

वसंत कानेटकर

तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा
लोहशृंखला तोड दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा

सुजलां सुफलाम् मातृभूमीला
मुक्त कराया हिमालयाला
खड्ग-हस्त मज हवेत बोला
तुम मुझे तन-मन-धन दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा

युद्ध नव्हे हा यज्ञ पेटला
अर्घ्य द्यावया रणचंडीला
खडे व्हा आता बलिदानाला
तुम अपना बलिदान दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा